शारीरिक शिक्षा का इतिहासHistory of Physical Education
भारत में शारीरिक शिक्षा का इतिहास: स्वतंत्रता से पूर्व एवं स्वतंत्रता के बाद
स्वतंत्रता से पूर्व भारत में शारीरिक शिक्षा का इतिहास
भारतीय सभ्यता विश्व की प्राचीनतम सभ्यता है। विभिन्न धार्मिक पौराणिक साहित्य व हड़प्पा एवं मोहनजोदड़ो स्थानों पर मिले पुरातात्विक प्रमाणों से यह अनुमान लगाया गया है कि लगभग 3000 ईसा पूर्व भारत में एक विकसित सभ्यता थी।
भारत में शारीरिक शिक्षा के विकास को विभिन्न मुख्य रूप से दो काल खंडों में बांटा गया है:
- स्वतंत्रता से पूर्व (प्राचीन भारत)
- स्वतंत्रता के पश्चात (आधुनिक भारत)
स्वतंत्रता से पूर्व भारत में शारीरिक शिक्षा (प्राचीन भारत)
प्राचीन भारत के अध्ययन की दृष्टि से विभिन्न काल खंडों में बांटा जा सकता है, जो निम्न है
- सिंधु घाटी की सभ्यता का काल (3250 BC – 2500 BC)
- वैदिक काल (2500 BC – 600 BC)
- महाकाव्य काल (600 BC – 320 BC)
- उत्तर हिंदू काल (320 BC – 1000 AD)
- मध्यकालीन भारत (1000 AD – 1757 AD)
- ब्रिटिश काल (1757 AD – 1947 AD)
- आधुनिक भारत (1947 AD से अब तक)
सिंधु घाटी की सभ्यता का काल (3250 BC – 2500 BC)
इससे पूर्व वैदिक काल भी कहा जाता है। हड़प्पा और मोहनजोदड़ो नामक स्थानों से प्राप्त पुरातात्विक साक्ष्यों से पता चलता है कि सिंधु घाटी में एक फलती फूलती सभ्यता थी।
वहां से प्राप्त विभिन्न प्रकार के उपकरण, हथियार, मोहरें, मूर्तियां, कलाकृतियां, भवनों के अवशेष आदि से वहां के लोगों के खेलकूद व मनोरंजन के साधनों के बारे में पता चलता है। वहां की खुदाई में कई बड़े तरणताल पाए गए हैं अनुमान है कि लोग तैराकी किया करते थे एवं तरणताल के निकट व्यायाम व मसाज करने की व्यवस्था थी।
एक नर्तकी की मूर्ति से मालूम पड़ता है कि नृत्य कला प्रचलित थी, साथ ही चौपड़, पासा, गोली के खेल, जानवरों की लड़ाई, मुक्केबाजी, शिकार खेलना सामूहिक नृत्य आदि उनके खेलकूद एवं मनोरंजन के साधन थे।
वैदिक काल (2500 BC – 600 BC)
गुरुकुल
वेद, पुराण, उपनिषद, आयुर्वेद, योगसूत्र आदि धर्म ग्रंथ वैदिक काल की जानकारियों का प्रमुख स्रोत है। इस काल में योग की उत्पत्ति हुई थी तथा स्वास्थ्य एवं आरोग्य प्राप्त करने हेतु सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम का अभ्यास मुख्य रूप से किया जाता था। व्यक्तियों की शारीरिक एवं आध्यात्मिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता था।
यजुर्वेद में युद्ध कला-कौशल एवं अस्त्र-शस्त्र के विज्ञान का वर्णन तथा
सामवेद में संगीत, गायन, नृत्य एवं नाट्य कला का वर्णन मिलता है।
उपनिषदों में लिखित उक्ति ‘शरीर माध्यम खलु धर्म साधनम्’ से शारीरिक विकास के महत्व का पता चलता है जिसका अर्थ यह है कि ‘शरीर के माध्यम से ही व्यक्ति अपने धर्म (कर्तव्य) को पूर्ण कर सकता है’
आयुर्वेद में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विशेष प्रकार की आहार-व्यवहार व व्यायाम का उल्लेख मिलता है। विभिन्न धर्म शास्त्रों में गुरुकुल परंपरा का उल्लेख मिलता है जिसमें शिष्य गुरु के आश्रम में रहकर ज्ञान का अर्जुन एवं युद्ध-कला कौशल का अभ्यास करते थे।
धार्मिक ग्रंथों में वैदिक काल के लोगों को आर्य कहा गया है। ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर माना जाता है कि आर्य जाति के लोग मध्य एशिया से आकर भारत के गंगा और सिंधु मैदानों में बस गए थे इसलिए प्राचीन भारत को आर्यावर्त के नाम से भी जाना जाता है। आर्य लोग मजबूत और ऊंची कद काठी के लोग थे। पशुपालन व कृषि उनका मुख्य व्यवसाय था।
आर्य लोग युद्ध प्रेमी थे जो कि हमेशा युद्ध कलाओं जैसे मल्ल युद्ध, तीरंदाजी, तलवारबाजी, भाला फेंकना, घुड़सवारी रथों की दौड़, हाथी की सवारी, बॉक्सिंग जैसे खेलों का अभ्यास करते थे
महाकाव्य काल (600 BC – 320 BC)
रामायण एवं महाभारत भारत के दो महाकाव्य हैं जिसमें अनेक वीर योद्धाओं के शारीरिक बल व दक्षता, पराक्रम एवं युद्ध कला-कौशल का वर्णन मिलता है जिससे निम्न निष्कर्ष निकाले जाते हैं
- युद्ध कला शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता था।
- रामायण महाभारत में धनुर्विद्या, भाला एवं चक्र प्रक्षेपण, मल्लयुद्ध, तलवारबाजी, रथों की दौड़ जैसी कलाओं का उल्लेख मिलता है
- राम, लक्ष्मण, रावण, मेघनाद, कृष्ण, भीष्म पितामह, अर्जुन, भीम, दुर्योधन, कर्ण आदि योद्धा अपने युद्ध कौशल एवं रणनीति के लिए जग प्रसिद्ध हैं
- राम, लक्ष्मण, अर्जुन, कर्ण धनुर्विद्या के पारंगत योद्धा थे
- हनुमान, भीम, दुर्योधन, बलराम मल्ल युद्ध के पारंगत योद्धा थे
- श्री कृष्ण चक्र प्रक्षेपण के कौशल के पारंगत योद्धा थे
- युद्ध कला कौशल सिखाने के लिए गुरु विश्वामित्र एवं द्रोणाचार्य का विशेष उल्लेख मिलता है
- छात्र गुरुकुल में रहकर 25 वर्ष की आयु तक ज्ञानार्जन एवं युद्ध कला व रण कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त करते थे।
- आखेट (शिकार करना) उच्च वर्ग के लोगों के मनोरंजन का साधन था। सामान्य लोग कुश्ती में नृत्य एवं नाट्य कला के माध्यम से मनोरंजन करते थे।
उत्तर हिंदू काल (320 BC – 1000 AD)
इस काल में भारत विश्व में विद्या अध्ययन के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रसिद्ध था तक्षशिला एवं नालंदा जैसे विश्वविद्यालय में देश विदेश के विद्यार्थी अध्ययन के लिए आते थे। तक्षशिला एवं नालंदा जैसे विश्वविद्यालय शारीरिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक ज्ञान के केंद्र माने जाते थे यहां पर योग, कुश्ती, तीरंदाजी, युद्ध रणनीति एवं शस्त्रों को चलाने का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाता था। नालंदा में अनेक तरणतालों का पता चला है जहां पर तैराकी का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता था। प्रत्येक छात्र के लिए विशेष शारीरिक श्रम, योग, व्यायाम, नियमित खानपान आदि के द्वारा अच्छे स्वास्थ्य एवं अच्छी शारीरिक फिटनेस को बनाए रखना प्रमुख लक्ष्य होता था।
उस समय की प्राप्त कलाकृतियों आदि में पुरुषों व शेरों की लड़ाई व मल्ल युद्ध के अंकित दृश्यों से पता चलता है कि उस समय मल्ल युद्ध की परंपरा विकसित थी इसके अतिरिक्त जानवरों की लड़ाई या वह मुर्गों की लड़ाइयां जैसे मनोरंजक खेल भी थे। अनेक स्थानों पर जानवरों की लड़ाइयां एवं मुर्गे की लड़ाई कराने के मनोरंजक खेल भी थे।
मध्यकालीन भारत (1000 AD – 1757 AD)
भारत के इतिहास में मध्यकाल (1000AD – 1757AD) का कालखंड सबसे अधिक उथल-पुथल से भरा है। इस काल में जहां भारत के राज्य आपस में एक दूसरे से लड़ते रहते थे, इसी समय विदेशी आक्रमणकारियों ने भी भारत पर आक्रमण कर अपना आधिपत्य जमाना शुरू कर दिया था। अतः इस काल में सैन्य शिक्षा एवं आत्मरक्षा हेतु शस्त्र एवं युद्ध कला-कौशल का विशेष था।
राजाओं के संरक्षण में अखाड़ों (जिम्नेजियम) का संचालन होने लगा था जहां पर राजपूत विशेष रूप से शारीरिक शिक्षा, योग शिक्षा, सूर्य नमस्कार, दंड बैठक, गदा घुमाना, लाठी चलाना, मलखंब, कुश्ती, तलवारबाजी, भाला फेंकना, घुड़सवारी आदि का प्रशिक्षण प्राप्त करते थे। राजपूत कन्याएं भी युद्ध व शस्त्र चालन एवं घुड़सवारी सीखने में रुचि लेती थीं।
छत्रपति शिवाजी के गुरु समर्थ गुरु रामदास ने भारतीय युवकों को शारीरिक रूप से बलशाली एवं युद्ध कला में पारंगत करने के लिए पूरे भारत में भ्रमण कर लोगों को शारीरिक रूप से बलशाली एवं आत्मरक्षा हेतु शस्त्र विद्या में निपुण होने का संदेश दिया तथा जगह-जगह अखाड़ों की स्थापना की। समर्थ गुरु रामदास को भारतीय अखाड़ा आंदोलन (जिम्नेजियम आंदोलन) का पिता भी कहा जाता है। वे स्वयं प्रतिदिन प्रात: 1200 सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया करते थे।
कालांतर में मुगलों का आधिपत्य हो जाने के बाद सैन्य प्रशिक्षण व युद्ध रणनीति में भी अंतर आया। मुगलों ने कुश्ती को विशेष संरक्षण दिया। कुश्ती, मुक्केबाजी, शिकार करना, तैराकी, पशुओं की लड़ाई, कबूतर बाजी, इस काल के कुछ लोकप्रिय खेल थे इसके अतिरिक्त लोग शतरंज जैसे खेल भी खेलते थे। गुलाम वंश के प्रथम शासक कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु चौगान (पोलो) खेलते समय घोड़े से गिरकर हुई थी।
ब्रिटिश काल में शारीरिक शिक्षा (1757 से 1947)
अंग्रेजों ने भारत की प्राचीन शिक्षा व्यवस्था को पूर्ण रूप से बदल दिया। पढ़ाई का माध्यम संस्कृत से बदलकर अंग्रेजी कर दिया गया तथा प्रचलित तथा पारंपरिक भारतीय शारीरिक शिक्षा जैसे योग शिक्षा, मलखंब, अखाड़ा, कबड्डी, खो-खो आदि के स्थान पर आधुनिक आउटडोर यूरोपीय खेलो को प्राथमिकता दी जाने लगी।
उस समय के आधुनिक आउटडोर खेल जैसे क्रिकेट, हाकी, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल आदि अंग्रेजों द्वारा सबसे पहले सेना में लाए गए तत्पश्चात ये खेल आम भारतीय लोगों में भी प्रचलित हो गए। लोग पारंपरिक भारतीय खेल जैसे कबड्डी अखाड़ा मलखंभ आदि खेलों को छोड़कर खेलों की तरफ आकर्षित हो गए क्योंकि ये खेल लोगों को अधिक आकर्षक एवं मनोरंजक लगे क्योंकि इन खेलों में एक बार में कई लोग एक साथ भाग ले सकते थे।
(आधुनिक फुटबॉल का जन्म 1871 में इंग्लैंड में हुआ।
बास्केटबॉल खेल का आविष्कार दिसंबर 21, 1891 स्प्रिंगफील्ड मैसाचुसेट्स अमेरिका में जेम्स नाई स्मिथ ने किया था।
वॉलीबॉल खेल का आविष्कार 1895 में YMCA मैसाचुसेट्स अमेरिका में WG Morgan डब्लू जी मोर्गन ने किया था)
भारतीय शारीरिक शिक्षा को महत्व नही मिलता देख कर राष्ट्रवादी लोगों ने भारतीय शारीरिक शिक्षा पुनरुद्धार हेतु कई व्यायामशालाएं, अखाड़ा, क्रीडा मंडल स्थापित किए। परंतु तत्कालीन प्रमुख विद्यालयों में भारतीय शारीरिक शिक्षा व्यवस्था के स्थान पर अंग्रेजों द्वारा लाए गए नए खेलों को प्राथमिकता दी जाने लगी।
1914: पारंपरिक भारतीय खेलों को प्रचलित करने के लिए हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल (HVPM) की अमरावती में स्थापना की गई जिसमें भारत में पहली बार शारीरिक शिक्षा में डिग्री, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम प्रारंभ हुई उन्होंने पूरे भारतवर्ष में भ्रमण किया और भारतीय प्राचीन शारीरिक शिक्षा की कला जैसे मलखंब, रस्सी मलखंब आदि खेलों का प्रदर्शन किया। अखिल महाराष्ट्र शारीरिक शिक्षा मंडल ने पहली बार कबड्डी और खो-खो की नियमों को प्रकाशित किया ।
1920: मद्रास में एच.सी. बक (H.C. Buch) द्वारा वाई.एम.सी.ए. YMCA की स्थापना की गई जिसमें पहली बार यूरोप के आधुनिक शारीरिक शिक्षा प्रणाली को भारत में लाया गया और यहां पर शारीरिक शिक्षा एवं खेल की डिग्री कोर्स प्रारंभ हुए तथा यहां से शिक्षा प्राप्त अध्यापक भारत के स्कूलों में शारीरिक शिक्षा अध्यापक के रूप में नियुक्त किए जाने लगे
1921: भारत के स्कूल शिक्षा व्यवस्था में में स्काउट की स्थापना
1927: भारतीय ओलंपिक संघ IOA का गठन हुआ जिसमें एच.सी. बक की प्रमुख भूमिका थी। IOA के गठन से भारत में ओलंपिक के प्रति जागरूकता अभियान की शुरुआत हुई
1928, 1932 और 1936 में भारत की हॉकी टीम ने ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता जिससे भारत को दुनिया भर में एक नई पहचान मिली और हॉकी खेल भारत के जनमानस में पहुंच गया।
भारत में शारीरिक शिक्षा के इतिहास एवं विकास से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर ( MCQs)
1- किस प्राचीन भारतीय ग्रंथ में शारीरिक शिक्षा और खेल का उल्लेख है?
ए. वेद
बी. महाभारत
सी. रामायण
डी. उपनिषद
उत्तर: बी. महाभारत
2- महर्षि पतंजलि द्वारा कौन सी पुस्तक लिखी गई है
- महाभारत
- योग सूत्र
- रत्नावली
- राजतरंगिणी
उत्तर: B . योग सूत्र
3- किस प्राचीन भारतीय चिकित्सक ने शारीरिक व्यायाम के लाभों के बारे में लिखा था?
ए. चरक
बी सुश्रुत
सी. वाग्भट्ट
डी. पतंजलि
उत्तर: ए चरक
- योग (Yoga) का जन्म किस देश में हुआ
- अमेरिका
- इंग्लैंड
- जापान
- भारत
उत्तर: 4 भारत
- योग का जनक किसे कहा जाता है
- महर्षि वेदव्यास
- तुलसीदास
- चाणक्य
- महर्षि पतंजलि
उत्तर: 4 महर्षि पतंजलि
- भारतीय शारीरिक शिक्षा का पितामह किसे कहा जाता है
- स्वामी विवेकानंद
- रामकृष्ण परमहंस
- समर्थ गुरु रामदास
- गुरु द्रोणाचार्य
उत्तर: 3 समर्थ गुरु रामदास
- भारत में अखाड़ा आंदोलन (जिम्नेजियम आंदोलन) के प्रणेता कौन थे
- स्वामी विवेकानंद
- रामकृष्ण परमहंस
- समर्थ गुरु रामदास
- गुरु द्रोणाचार्य
उत्तर: 3 समर्थ गुरु रामदास
8- कौन सा प्रसिद्ध महाकाव्य उस समय के राजकुमारों के शारीरिक प्रशिक्षण और शिक्षा का वर्णन करता है?
ए. महाभारत
बी. रामायण
सी. भगवत गीता
डी. अर्थशास्त्र
उत्तर: A. महाभारत
9- प्राचीन भारतीय भिक्षुओं और योगियों के बीच एक सामान्य शारीरिक व्यायाम गतिविधि क्या थी?
ए. कृषि कार्य
बी. सूर्य नमस्कार
सी. भारोत्तोलन
डी. उपरोक्त में से कोई नही
उत्तर: बी योग
10- कौन सा प्राचीन ग्रंथ योग मुद्राओं सहित विभिन्न शारीरिक व्यायामों की चर्चा के लिए जाना जाता है?
ए. ऋग्वेद
बी. अर्थशास्त्र
सी. भगवत गीता
डी. हठ योग प्रदीपिका
उत्तर: डी. हठ योग प्रदीपिका
11- आधुनिक भारत में शारीरिक शिक्षा का जनक किसे माना जाता है?
ए. मेजर ध्यानचंद
बी. डॉ. करणी सिंह
सी. एच.सी. बक
डी. स्वामी विवेकानन्द
उत्तर: सी. एच.सी. बक
12- पटियाला में राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS) की स्थापना किस वर्ष की गई थी?
ए. 1950
बी. 1961
सी. 1975
डी. 1980
उत्तर: बी. 1961
13- अर्जुन पुरस्कार किस वर्ष प्रारंभ किए गए थे ?
ए. 1950
बी. 1961
सी. 1975
डी. 1980
उत्तर: बी. 1961
14- भारतीय ओलंपिक संघ का गठन किस वर्ष हुआ था?
ए. 1927
बी. 1930
सी. 1947
डी. 1951
उत्तर: A. 1927
15- ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के दौरान किस अंतर्राष्ट्रीय घटना ने भारत में शारीरिक शिक्षा के विकास को बहुत प्रभावित किया?
- फीफा विश्व कप
- राष्ट्रमंडल खेल
- ओलिंपिक खेल
- एशियाई खेल
उत्तर: 3. ओलंपिक खेल
16– भारत का सबसे बड़ा खेल पुरस्कार कौन सा है
- मेजर ध्यानचंद खेल रत्न
- पद्म श्री
- ज्ञानपीठ पुरस्कार
- उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: A मेजर ध्यानचंद खेल रत्न
17- 1980 और 1990 के दशक के दौरान भारत में क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने का श्रेय किस खिलाड़ी को दिया जाता है?
ए. सुनील गावस्कर
बी. कपिल देव
सी. सचिन तेंदुलकर
डी. राहुल द्रविड़
उत्तर: सी. सचिन तेंदुलकर
18-भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
ए. 1984
बी. 1975
सी. 1990
डी. 1995
उत्तर: A. 1984
19- ‘खेलो इंडिया’ पहल किस वर्ष शुरू की गई थी?
ए. 2015
बी. 2016
सी. 2017
डी. 2018
उत्तर: सी. 2017
20- किस भारतीय क्रिकेटर को ‘हरियाणा हरिकेन’ कहा जाता है?
ए. अनिल कुंबले
बी. हरभजन सिंह
सी. कपिल देव
डी. वीरेंद्र सहवाग
उत्तर : सी. कपिल देव
- निम्नलिखित में से कौन सा योद्धा अपनी धनुर्विद्या के लिए प्रसिद्ध था
- भीम
- अर्जुन
- युधिष्ठिर
- दुर्योधन
उत्तर: 2 अर्जुन
22- प्राचीन भारतीय खेल ‘चतुरंगा’ किस आधुनिक खेल का पूर्ववर्ती है?
ए. शतरंज
बी पोलो
सी. कुश्ती
डी.कबड्डी
उत्तर: A. शतरंज
23- किस प्राचीन भारतीय खेल में शारीरिक और मानसिक शक्ति शामिल थी, जिसकी तुलना अक्सर आधुनिक कुश्ती से की जाती है?
ए. कबड्डी
बी. मल्ल-युद्ध
सी. खो-खो
डी. तलवारबाजी
उत्तर: बी. मल्ल-युद्ध
24- वैदिक काल में विद्यार्थी कहां शिक्षा ग्रहण करते थे
- विश्वविद्यालय
- व्यायाम शाला
- गुरुकुल
- गौशाला
उत्तर: 3. गुरुकुल
25- प्राचीन भारत में, शारीरिक शिक्षा किस प्रकार के संस्थान में पाठ्यक्रम का हिस्सा थी?
ए. गुरुकुल
बी. मदरसे
सी. विश्वविद्यालय
डी. मंदिर
उत्तर: A. गुरुकुल
26- निम्नलिखित में से कौन भारत के महाकाव्य हैं
- वेद और पुराण
- रामचरित मानस
- रामायण और महाभारत
- योग सूत्र
उत्तर: 3. रामायण और महाभारत
27- ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला कौन थी?
ए. मैरी कॉम
बी.पी.टी. उषा
सी. कर्णम मल्लेश्वरी
डी. साइना नेहवाल
उत्तर: सी. कर्णम मल्लेश्वरी
28- राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट कौन थे?
ए. मिल्खा सिंह
बी.पी.टी. उषा
सी. नीरज चोपड़ा
डी. सुशील कुमार
उत्तर: ए. मिल्खा सिंह
29- भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस किस प्रसिद्ध खिलाड़ी के जन्मदिन पर मनाया जाता है?
- सचिन तेंदुलकर
- मेजर ध्यानचंद
- सी.पी.टी. उषा
- डी. अभिनव बिंद्रा
उत्तर: 2. मेजर ध्यानचंद
30- भारत का राष्ट्रीय खेल दिवस किस दिन मनाया जाता है
- 26 जनवरी
- 15 अगस्त
- 29 अगस्त
- 2 अक्टूबर
उत्तर: 3. 29 अगस्त
31- भारत में खेल के प्रचार और विकास के लिए कौन सा संगठन जिम्मेदार है?
- भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)
- भारतीय ओलंपिक संघ (IOA)
- भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI)
- युवा मामले और खेल मंत्रालय
उत्तर: 3. भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI)
32 – प्राचीन भारत में योद्धाओं के लिए शारीरिक प्रशिक्षण के रूप में किस गतिविधि पर जोर दिया जाता था?
ए. तैराकी
बी. तीरंदाजी
सी. चल रहा है
डी. कुश्ती
उत्तर: बी तीरंदाजी
33 – निम्नलिखित में किसका प्रारंभ भारत में नहीं हुआ था
- योग
- आयुर्वेद
- एलोपैथी
- गुरुकुल पद्धति
उत्तर: C एलोपैथी
34 – भारत में खेलों में सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय को कौन सी ट्रॉफी प्रदान की जाती है
- मौलाना अबुल कलाम आजाद ट्रॉफी
- संतोष ट्रॉफी
- द्रोणाचार्य पुरस्कार
- उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: 1. मौलाना अबुल कलाम आजाद ट्रॉफी
35 – भारत की सर्वश्रेष्ठ खेल प्रशिक्षकों को कौन सा पुरस्कार प्रदान किया जाता है
- अर्जुन पुरस्कार
- द्रोणाचार्य पुरस्कार
- मेजर ध्यानचंद पुरस्कार
- उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: 2 द्रोणाचार्य पुरस्कार
36 – निम्नलिखित में से कौन सा पुरस्कार खिलाड़ियों को प्रदान किया जाता है
- अर्जुन पुरस्कार
- ज्ञानपीठ पुरस्कार
- मैग्सेसे पुरस्कार
- उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: 1. अर्जुन पुरस्कार
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